धनबाद जिले में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक मामले को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने एसएसएलएनटी महिला कॉलेज से रणधीर वर्मा चौक तक आक्रोश मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष साहिल अली के नेतृत्व में निकाले गए इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि 20 मार्च को जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज किया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। इसके साथ ही नीट पेपर लीक मामले में भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
रणधीर वर्मा चौक पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए तीनों केंद्रीय नेताओं का पुतला दहन किया। इस दौरान एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण चौधरी ने कहा कि देश के छात्रों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
जिला अध्यक्ष साहिल अली ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। वहीं, अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ कथित बल प्रयोग लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन में जिला कार्यकारी अध्यक्ष सनी सिंह, रोहित पाठक, नितेश शर्मा, तारिक अनवर, शाहबाज खान, अनीश राजा, राजीव पांडे, आयुष सिंह, अहान खान, अनस खान सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संवाददाता: राजेश कुमार








