पटना: बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात भू-माफिया और अपराधी संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उसे खुसरूपुर थाना क्षेत्र के हेमजापुर गांव से गुप्त सूचना के आधार पर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, करीब 20 हजार रुपये नकद और एक घड़ी बरामद की गई है। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, संतोष डॉन पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में 28 से अधिक आपराधिक मामले पटना और नालंदा जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। लंबे समय से फरार होने के कारण वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी को पटना पुलिस और एसटीएफ की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को इनपुट मिला था कि संतोष डॉन खुसरूपुर इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रणनीति बनाकर छापेमारी की। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई और बिना किसी विरोध के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि 13 जून को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पटना और नालंदा में उसके 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। हालांकि उस समय वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उसके अवैध कारोबार से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
फतुहा डीएसपी-2 संजीव कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। उसके अन्य सहयोगियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने संतोष डॉन को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि संतोष डॉन खुसरूपुर प्रखंड प्रमुख अंजू देवी के पति हैं। आरोप है कि उन्होंने महज 13 कट्ठा जमीन से शुरुआत कर अवैध कब्जों और भू-माफिया गतिविधियों के जरिए करीब 12 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। अब उसकी चल-अचल संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।








