झारखंड का पलामू जिला कभी नक्सल गतिविधियों के कारण पूरे देश में चर्चित रहा करता था। लेकिन अब यही धरती शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में नई पहचान बना रही है। विश्रामपुर प्रखंड स्थित रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित एलसीएम मेडिकल कॉलेज ने एक बार फिर अपनी उपलब्धि से पूरे पलामू का नाम रोशन किया है। एमबीबीएस प्रथम बैच 2021–2026 के अंतिम परीक्षा परिणाम में 91 फीसदी छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया है।
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विश्रामपुर के नावाडीह कला स्थित आरसीयू विश्वविद्यालय परिसर में उस समय खुशी का माहौल देखने को मिला जब एलसीएम मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम बैच का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। कॉलेज के 91 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त कर न केवल संस्थान बल्कि पूरे पलामू जिले का गौरव बढ़ाया।
सफलता से उत्साहित छात्र-छात्राओं ने गढ़वा काली मंदिर पहुंचकर माता के दरबार में पूजा-अर्चना की। इसके बाद सभी छात्र-छात्राएं पैदल यात्रा करते हुए गढ़देवी मंदिर पहुंचे, जहां विशेष पूजा कर अपने उज्ज्वल भविष्य और सफल चिकित्सकीय जीवन की कामना की। मंदिर परिसर में छात्रों ने नारियल फोड़कर भगवान का आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर आरसीयू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी, कुलसचिव देवाशीष मंडल, जितेंद्र सर, भोला चंद्रवंशी, परमेंद्र सर और डॉ. सरस्वती मैडम सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने सफल छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कुलाधिपति डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा कि कभी नक्सल प्रभावित माने जाने वाले इस क्षेत्र से अब डॉक्टर और प्रोफेशनल युवा निकल रहे हैं, जो समाज और देश की सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सफलता पूरे पलामू और झारखंड के लिए गर्व की बात है।
विश्रामपुर की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि शिक्षा ही वह ताकत है, जो किसी भी क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल सकती है।
संवाददाता – सत्यम शुक्ला, पलामू / झारखंड
