मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में वर्षों से चला आ रहा पेयजल संकट इस वर्ष भी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। सेकेंड फेज पाइपलाइन योजना, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, अब भी अधर में लटकी हुई है। युवा समाजसेवी आशीष भारद्वाज ने योजना की प्रगति जानने के लिए आर के इंजीनियरिंग एंड सेल्स लिमिटेड के हाउसिंग कॉलोनी स्थित कार्यालय पहुंचकर पदाधिकारियों से मुलाकात की और कई गंभीर खामियों को उजागर किया।
आशीष भारद्वाज ने कहा कि मेदिनीनगर तीन ओर से नदियों से घिरा होने के बावजूद हर साल भीषण गर्मी में पानी के लिए तरसता है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पेयजल संकट जैसे ज्वलंत मुद्दे पर सिर्फ बयानबाजी होती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि सेकेंड फेज पाइपलाइन योजना, जिसकी लागत करीब 172 करोड़ रुपये है, अभी भी कई बाधाओं में उलझी हुई है। योजना के तहत कुल 476 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है, लेकिन अब तक केवल 212 किलोमीटर के लिए ही टेंडर हुआ है। इसके अलावा एनएचआई, रेलवे, आरसीडी और पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों से एनओसी नहीं मिलने के कारण काम अटका हुआ है।
कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रंजीत ने साफ कहा कि पाइप और जरूरी अनुमति के अभाव में इस वर्ष भी शहरवासियों को पाइपलाइन से पानी नहीं मिल पाएगा। साथ ही नगर निगम की ओर से टंकी निर्माण के लिए जमीन तक उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे योजना और धीमी हो गई है।
आशीष भारद्वाज ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस योजना को धरातल पर नहीं उतारा गया, तो “पानी यात्रा” की तर्ज पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर पेयजल संकट के समाधान की मांग की है।
संवाददाता – सत्यम शुक्ला की रिपोर्ट
