धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। रविवार को मिशन एयरपोर्ट और झारखंड इंडस्ट्री एंड ट्रेड एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि धनबाद जैसे औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले में एयरपोर्ट का अभाव लंबे समय से महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट बनने से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
इस मौके पर विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण की पहल में इन संगठनों की भूमिका सराहनीय रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि जिले में एयरपोर्ट की आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही है। यहां धार्मिक और पर्यटन स्थलों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां संचालित होती हैं, ऐसे में एयरपोर्ट बनने से यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विधायक ने जानकारी दी कि इस संबंध में 7 तारीख को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि एक महीने के भीतर इस दिशा में कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है, जिसके बाद जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
वहीं समाजसेवी उदय प्रताप सिंह ने भी एयरपोर्ट निर्माण की मांग को जरूरी बताते हुए कहा कि धनबाद में आईआईटी (आईएसएम), बीसीसीएल और टाटा ग्रुप जैसे बड़े संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में एयरपोर्ट बनने से औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी, क्योंकि विशेषज्ञ डॉक्टरों का आवागमन सुगम हो सकेगा।
कुल मिलाकर, धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है और अब सबकी निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हैं।
संवाददाता: नीतीश कुमार, धनबाद
