पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित कोशियारा गांव में बीते साल नवंबर में हुई 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में अब पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इस सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों के बीच अब जांच वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने शक के दायरे में आए दर्जनों युवकों को हिरासत में लेकर उनका मेडिकल परीक्षण कराया है। यह जांच एमएमसीएच अस्पताल में कराई गई, जहां उन दो युवकों का भी परीक्षण किया गया, जिन पर पीड़ित परिजनों ने सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि अब इन सभी के सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, जिससे सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिल सके।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में मीडिया में खबरें सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और जांच को तेज किया गया। अब तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि 7 नवंबर को बच्ची अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने चैनपुर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन दो दिन बाद 9 नवंबर की सुबह गांव के एक कुएं से बच्ची का शव बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया था।
परिजनों का आरोप है कि बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया। घटनास्थल से बच्ची की चप्पल और अन्य सामान भी बरामद किए गए थे, जो इस मामले को और गंभीर बनाते हैं।
घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था और रांची से फॉरेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल का गहन निरीक्षण कराया गया था। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट भी पुलिस को मिल चुकी है, जिसे मेडिकल जांच के साक्ष्यों से मिलाया जा रहा है।
हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जांच पूरी होते ही इस हत्याकांड का जल्द खुलासा हो सकता है।
संवाददाता: विकास कश्यप, पलामू
