जामताड़ा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर सिस्टम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करमाटांड थाना क्षेत्र के मटटांड पंचायत अंतर्गत कालाझरया गांव में एक गरीब मजदूर 11 हजार वोल्ट के हाई टेंशन तार की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया।
घायल मजदूर की पहचान बुगिन अंसारी, पिता लुकमान मियां के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुगिन अंसारी अपने नवनिर्मित मकान में लिंटर ढालने का काम कर रहे थे, तभी अचानक ऊपर से गुजर रहे हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गए। यह मकान मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना के तहत बनाया जा रहा था। समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर उन्हें कार्रवाई का नोटिस भी मिल चुका था, जिससे वे जल्द काम खत्म करने के दबाव में थे।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि बुगिन अंसारी ने पहले ही बिजली विभाग को इस खतरनाक तार को हटाने के लिए शिकायत की थी। लेकिन आरोप है कि विभागीय कर्मियों ने उन्हें इधर-उधर भटकाया और बाद में चार घरों से तार हटाने के बदले 25-25 हजार रुपये, यानी कुल एक लाख रुपये की मांग की गई। एक गरीब मजदूर के लिए इतनी बड़ी रकम देना संभव नहीं था। बुगिन अंसारी ने साफ कहा था कि वह 25 हजार रुपये भी देने में सक्षम नहीं हैं।
मजबूरी में बिना तार हटाए ही निर्माण कार्य जारी रखा गया और अंततः यह हादसा हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जो महज 10 मिनट में मौके पर पहुंची और घायल को जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है।
परिजनों का कहना है कि बुगिन अंसारी ही घर के इकलौते कमाने वाले हैं। ऐसे में अब उनके इलाज और परिवार के भरण-पोषण की चिंता सताने लगी है। परिवार ने सरकार से उचित मुआवजे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यह घटना न केवल एक व्यक्ति की त्रासदी है, बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता और लापरवाही की भी एक बड़ी तस्वीर पेश करती है।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा
