भोजपुर: समाज में अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि शादी और बच्चों के बाद महिलाओं की जिंदगी सीमित हो जाती है, लेकिन भोजपुर की डॉ. अपूर्वा वर्मा ने इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। साधारण परिवार से आने वाली अपूर्वा ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर ‘मिसेज इंडिया 2026’ का खिताब जीतकर न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है।

आरा पुलिस लाइन की निवासी डॉ. अपूर्वा वर्मा पेशे से शिक्षिका और साहित्यकार हैं। उन्होंने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। उनकी लिखी पुस्तक ‘द वेट ऑफ इमोशंस’ 30 से अधिक भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है, जो उनकी साहित्यिक प्रतिभा को दर्शाती है।

अहमदाबाद में 11 अप्रैल को आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से 22 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। अपूर्वा ने सभी राउंड्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘ब्रेन ऑफ ब्यूटी’ का सबटाइटल भी अपने नाम किया। खास बात यह रही कि ट्रेडिशनल राउंड में उन्होंने बिहार की संस्कृति को ‘छठ पूजा’ की झलक और आरा की प्रसिद्ध चुनरी साड़ी के माध्यम से मंच पर जीवंत कर दिया, जिसने जजों को बेहद प्रभावित किया।

अपूर्वा अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं। उनके पिता व्यवसायी, माता गृहिणी और पति बैंक मैनेजर हैं। उनका कहना है कि परिवार के सहयोग के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था।

इससे पहले अपूर्वा ‘मिसेज बिहार 2025’ का खिताब भी जीत चुकी हैं और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनका संदेश साफ है—“इट्स नेवर टू लेट।” यानी सपने देखने और उन्हें पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती।

सोशल मीडिया पर बढ़ती अश्लीलता को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने कभी भी ऐसे कंटेंट को बढ़ावा नहीं दिया और कई ऑफर ठुकराए। उनका मानना है कि असली टैलेंट और मेहनत से ही स्थायी सफलता मिलती है।

डॉ. अपूर्वा वर्मा की यह सफलता उन सभी महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो अपने सपनों को अधूरा मान चुकी हैं।

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