बिहार के मोतिहारी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने फर्जी STF टीम बनाकर ठगी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह वर्दी और पुलिसिया रौब का इस्तेमाल कर आम लोगों को निशाना बनाता था। इनके पास से नकद राशि, पुलिस लिखे तीन चारपहिया वाहन, वर्दी, लाठी, टोपी और नेम प्लेट जैसे कई सामान बरामद किए गए हैं।

 

मामले का खुलासा धीरे-धीरे हुआ। सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे के मुताबिक, मुफ्फसिल थाना में सबदर नाम के व्यक्ति ने अपने अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति सैफुद्दीन ने मारपीट का आवेदन दिया। जब पुलिस ने इन मामलों की गहराई से जांच शुरू की, तो शक गहराता गया और आखिरकार पूरे फर्जी गैंग का पर्दाफाश हो गया।

 

जांच के दौरान सबसे पहले सबदर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने आरिफ का नाम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। आरिफ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस एलबी राम उर्फ लालबाबू राम तक पहुंची, जिसे इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। उसके घर से ₹25,000 नकद, वर्दी, बोलेरो और अन्य सामान बरामद हुए।

 

पुलिस जांच में सामने आया कि एलबी राम पहले सिपाही था, लेकिन 2022 में बर्खास्त होने के बाद उसने यह फर्जी गैंग खड़ा किया। उसने दो सेवानिवृत्त होमगार्ड जवानों को भी अपने साथ जोड़ लिया और एक संगठित गिरोह बना लिया।

 

यह गिरोह लोगों को पैसे तीन गुना करने का लालच देता था। जब लोग रकम लेकर आते थे, तो ये लोग फर्जी छापेमारी कर पैसा जब्त कर लेते थे। गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे और वारदात को अंजाम देते थे।

 

फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

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