पटना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां बिहार सरकार ने राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। जदयू कोटे से बने डिप्टी सीएम और को अब Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इस फैसले के तहत उनके सुरक्षा घेरे में कुल 22 पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी, जिनमें चार प्रशिक्षित कमांडो भी शामिल रहेंगे। ये कमांडो एनएसजी या अर्धसैनिक बलों से लिए जाएंगे।
नई सुरक्षा व्यवस्था में मोबाइल सिक्योरिटी, आवास की सुरक्षा और एस्कॉर्ट वाहनों की सुविधा भी शामिल है, जिससे दोनों नेताओं की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है। यह कदम संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
दरअसल, 17 अप्रैल को पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों को Z श्रेणी सुरक्षा देने की सिफारिश की, जिसे सरकार ने तुरंत मंजूरी दे दी। पहले ये दोनों नेता सरकार में मंत्री थे, लेकिन के नेतृत्व वाली नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पहले से ही Z प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। इस श्रेणी में लगभग 55 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जिनमें 10 एनएसजी कमांडो शामिल होते हैं। केंद्र सरकार ने भी उन्हें पूरे देश में यही सुरक्षा प्रदान कर रखी है।
राज्य सुरक्षा समिति की इस बैठक में सिर्फ डिप्टी सीएम ही नहीं, बल्कि अन्य कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा का भी पुनर्मूल्यांकन किया गया। जरूरत के अनुसार कुछ नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई, जबकि कुछ में बदलाव किए गए।
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो नई सरकार के गठन के बाद यह कदम न केवल नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहम है, बल्कि राज्य में स्थिरता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
