मोक्षभूमि के नाम से प्रसिद्ध गया जी में देश के जाने-माने उद्योगपति के भाई ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। शुक्रवार को गया पहुंचकर उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ यह धार्मिक कर्मकांड संपन्न किया।
गया पहुंचने के बाद विनोद अडानी ने एक दिवसीय पिंडदान कार्यक्रम के तहत शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों विष्णुपद मदिर, और फल्गु नदी में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता और अन्य पूर्वजों के मोक्ष की कामना करते हुए पिंडदान का कर्मकांड पूरा किया। उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं और दोनों ने मिलकर श्रद्धा भाव से अनुष्ठान किया।
इस धार्मिक अनुष्ठान को उनके तीर्थ पुरोहित शंभू लाल विट्ठल ने विधिपूर्वक संपन्न कराया। विष्णुपद मंदिर परिसर में विशेष पूजा के दौरान उन्होंने विष्णु चरण के दर्शन भी किए और पितरों की शांति के लिए प्रार्थना की।
विनोद अडानी के गया आगमन को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
इस मौके पर श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल ने बताया कि विनोद अडानी अपनी पत्नी के साथ गया पहुंचे थे और उन्होंने पूरे विधि-विधान से गया श्राद्ध का कर्मकांड किया। उन्होंने अपने माता-पिता सहित सभी पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की।
पिंडदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समिति की ओर से विनोद अडानी को सम्मानित भी किया गया। गया में पिंडदान की परंपरा सदियों पुरानी है, और देश-विदेश से लोग यहां अपने पितरों के मोक्ष के लिए आते हैं।
