झारखंड के बोकारो से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सीसीएल के कथारा कोलियरी में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के मामले में दो लोगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे कोलियरी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई की धनबाद टीम ने शुक्रवार को कथारा कोलियरी स्थित परियोजना कार्यालय में छापेमारी कर कार्मिक प्रबंधक सुभाष चन्द्र पासवान और जेएमएम नेता सह एचएमकेपी के कथारा क्षेत्रीय सचिव शमशुल हक को करीब 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, सुरेश किस्कू नामक व्यक्ति ने सीबीआई धनबाद में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता कारू मांझी, जो वर्ष 2024 में कथारा कोलियरी से रिटायर हुए थे, उनके बकाया भुगतान का मामला लंबे समय से लंबित था। इस बीच उनके पिता का निधन हो गया, जिससे परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
आरोप है कि बकाया राशि जारी करने के एवज में कार्मिक प्रबंधक सुभाष चन्द्र पासवान ने 35 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई के एसपी डीएल मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व डीएसपी प्रियरंजन कर रहे थे।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत सीबीआई ने जाल बिछाया और जैसे ही सुरेश किस्कू ने तय राशि सौंपी, टीम ने मौके पर ही छापा मारकर दोनों आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कथारा स्थित सीसीएल गेस्ट हाउस में रखकर घंटों पूछताछ की गई। देर रात करीब 3 बजे तक चली पूछताछ के बाद सीबीआई टीम उन्हें अपने साथ धनबाद ले गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पूरे सीसीएल कथारा क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं आम लोगों ने सीबीआई की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
