सहरसा में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘बेचारे’ वाले बयान पर पलटवार किया है। गुरुवार को सहरसा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार को सुधारने के उनके संकल्प के सामने उनके पास कोई दूसरा चारा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे बिहार को सम्राट चौधरी जैसे अनपढ़ और अपराधी के हाथ में छोड़कर नहीं जा सकते। इसी नजरिए से वे ‘बेचारे’ हैं।
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन के दौरान बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार बाढ़ की स्थिति भयावह नहीं हुई है। खासकर कोसी क्षेत्र के लोग बाढ़ के दर्द और उससे होने वाली परेशानियों को सबसे बेहतर तरीके से समझते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों से आप लोग सत्ता में हैं। इसके बावजूद बिहार को हर साल बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर बिहार को इस अभिशाप से कब राहत मिलेगी।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बाढ़ के कारण हर वर्ष लोगों को भारी परेशानी और नुकसान उठाना पड़ता है। बाढ़ आने के बाद आम लोगों की जिंदगी प्रभावित होती है और उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने सरकार से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में गंभीरता से काम करने की मांग की। प्रशांत किशोर ने कहा कि हर साल बाढ़ आने के बाद राहत और बचाव के इंतजाम करने के बजाय सरकार को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे लोगों को बार-बार इस समस्या का सामना न करना पड़े।
सहरसा में प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।






