देशव्यापी गौ रक्षा अभियान के तहत सोमवार को झारखंड के बोकारो में गौ संरक्षण से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर अपनी मांगों को बुलंद किया। शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान गौ संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए गए और लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गौ रक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें उठाई गईं। पहली मांग पूरे देश में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की रही। दूसरी मांग गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की रखी गई। तीसरी मांग गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए अलग से गौ मंत्रालय का गठन करने की थी, जबकि चौथी मांग गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसे संरक्षित करने की रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन मांगों पर केंद्र और राज्य सरकारों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अभियान से जुड़े छत्रबली पंडित ने कहा कि यह आंदोलन देशभर में साधु-संतों के मार्गदर्शन में शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है और इसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में पूजनीय मानी जाती है, इसलिए उसके संरक्षण की जिम्मेदारी पूरे समाज की है।
उन्होंने लोगों से गौ रक्षा अभियान से जुड़ने और गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में गौ भक्त, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन संबंधित संवैधानिक पदाधिकारियों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
संवाददाता: चंदन सिंह






