सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर से रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां आधी रात एक फोन कॉल ने 28 साल के कृष्ण कुमार को जिंदगी और मौत के बीच लाकर खड़ा कर दिया। आरोप है कि गांव के ही दोस्त ने उसे फोन कर बुलाया, फिर बेरहमी से पीटा और जबरन जहर पिला दिया।
घटना सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के माखड़ वार्ड-08 की है। पीड़ित कृष्ण कुमार, पिता गोपाल साह, के परिजनों ने बताया कि रविवार रात करीब 12 बजे गांव के आशु कुमार का फोन आया। उसने कृष्ण को तुरंत सकरौली आने को कहा। दोस्त का फोन समझकर कृष्ण घर से निकल गया, लेकिन उसे क्या पता था कि वहां मौत उसका इंतजार कर रही है।
आरोप है कि सकरौली पहुंचते ही आशु और उसके साथियों ने कृष्ण को घेर लिया। लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। जब वह अधमरा हो गया तो आरोपियों ने उसे जबरन जहर पिला दिया और सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए।
कृष्ण की किस्मत अच्छी थी कि सोमवार सुबह करीब 5 बजे बदिया निवासी नवीन कुमार बारात से लौट रहे थे। सड़क किनारे खून से लथपथ और तड़पते कृष्ण पर उनकी नजर पड़ी। नवीन ने इंसानियत दिखाते हुए तुरंत पानी पिलाया, प्राथमिक उपचार किया और उसके घर वालों को फोन लगाया। अगर नवीन समय पर नहीं पहुंचते तो शायद कृष्ण की जान नहीं बचती।
परिजन मौके पर पहुंचे तो कृष्ण के शरीर पर खौफनाक निशान देखकर सन्न रह गए। पैर, पीठ और सिर पर गहरी चोटें थीं। मुंह से झाग निकल रहा था। परिजन तुरंत उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर भागे, जहां ICU में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर जहर के असर को कम करने में जुटे हैं।
सिमरी बख्तियारपुर पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों के बयान पर FIR दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में दोस्ती में धोखे का मामला लग रहा है। पुलिस आशु कुमार की तलाश में छापेमारी कर रही है। आखिर आधी रात को क्यों बुलाया गया? मारपीट और जहर पिलाने की वजह क्या थी? इन सवालों के जवाब पुलिस तलाश रही है।
फिलहाल पूरा माखड़ गांव दहशत में है। लोग कह रहे हैं- “अब किस पर भरोसा करें जब दोस्त ही दुश्मन बन जाए।”






