भागलपुर: भागलपुर की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बहाल करने को लेकर प्रशासन और तकनीकी एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और बेली ब्रिज निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी लगातार निर्माण कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और मौके पर पहुंचकर प्रगति का जायजा ले रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीमा सड़क संगठन (BRO) एवं संबंधित अधिकारियों से चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त स्लैब की जगह नया हिस्सा सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। इसके अलावा तकनीकी ऑडिट में जिन अन्य हिस्सों को चिन्हित किया गया था, वहां भी लॉन्चिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब अंतिम चरण की लॉन्चिंग का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द पुल को यातायात के लिए खोला जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चौथे बेली ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे पुल की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि 7 जून 2026 से पहले विक्रमशिला सेतु पर आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
वहीं, पुल के जल्द खुलने की खबर से यात्रियों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से पुल बंद रहने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आवागमन बहाल होने से भागलपुर और नवगछिया सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
हालांकि कई यात्रियों के मन में पुल की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं भी बनी हुई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि पुल पहले जैसा नहीं रहा है और मरम्मत के बाद भी उस पर सफर करने के दौरान डर महसूस होगा। यात्रियों का कहना है कि प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षा की पूरी जांच के बाद ही पुल को खोला जाना चाहिए, ताकि लोगों का भरोसा कायम रहे और वे बिना किसी भय के यात्रा कर सकें।
फिलहाल प्रशासन का दावा है कि सभी तकनीकी मानकों का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा है और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।