पटना: अगर आप भी होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपको सतर्क कर सकती है। बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर में खाद्य संरक्षा विभाग की छापेमारी में कई रेस्टोरेंटों की रसोई में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कहीं बासी चिकन और खराब मटन मिला, तो कहीं एक्सपायर्ड दूध, चीज और क्रीम का इस्तेमाल किया जा रहा था।
दरअसल, 30 अक्टूबर को खाद्य विभाग की टीम ने पटना और मुजफ्फरपुर के कई खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी मात्रा में खराब और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई गई।
वहीं, आशियाना-दीघा रोड स्थित एक होटल से 13 किलो हाफ बॉयल्ड चिकन, 3 किलो वेज आइटम और डेढ़ किलो उबला हुआ मटन बरामद हुआ। एसके पुरी के एक फूड आउटलेट में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक साथ रखे मिले।
पटना के बुद्ध मार्ग स्थित एक होटल से 350 किलो पनीर, 8 किलो रोस्टेड चिकन, 10 किलो कच्चा चिकन और 15 किलो ग्रेवी समेत 36 हजार 650 रुपये की खाद्य सामग्री जब्त की गई। यहां साफ-सफाई के साथ कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट और पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी।
फ्रेजर रोड स्थित रेस्टोरेंट से एक्सपायर्ड दूध, अमूल चीज और डेयरी क्रीम जब्त की गई। यहां गंभीर अनियमितताओं के कारण तीन दिनों तक किचन बंद रखने का निर्देश दिया गया। बोरिंग कैनाल रोड के एक रेस्टोरेंट की रसोई भी अस्वच्छ मिलने पर दो दिनों तक बंद रखने को कहा गया।
इसके अलावा वेस्ट बोरिंग कैनाल रोड के एक कैफे से खराब हालत में चिकन, पकी मछली, पीली दाल और ग्रेवी जब्त की गई। आशियाना नगर के ऑनलाइन ग्रोसरी स्टोर और बिहार म्यूजियम के सामने स्थित होटल में भी खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी मिली।
मुजफ्फरपुर के शर्फुद्दीनपुर चौक स्थित बेकरी में भी अनियमितताएं पाई गईं।
खाद्य विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर जरूरी दस्तावेज और स्वच्छता मानकों का पालन करने का निर्देश दिया है। अब सवाल यह है कि महंगे रेस्टोरेंट में पैसे खर्च करने वाले ग्राहकों की सेहत की जिम्मेदारी कौन लेगा और ऐसी लापरवाही पर कब पूरी तरह रोक लगेगी?






