मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने जाली नोटों के कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक के पास वाहन जांच के दौरान पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ उत्तर प्रदेश के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। वहीं, फॉर्च्यूनर और टाटा नेक्सन गाड़ी से फरार हुए अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
दरअसल, गुरुवार को डायल 112 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि यूपी नंबर की गाड़ियों में सवार कुछ संदिग्ध लोग मोतिहारी से अरेराज की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मानिकपुर चौक के समीप घेराबंदी कर वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया। उसके बैग की तलाशी लेने पर 500 रुपये के नोटों की 40 गड्डियां बरामद हुईं।
नोटों की गिनती करने पर कुल 3 हजार 997 नोट मिले, जिनकी कीमत 19 लाख 98 हजार 500 रुपये थी। जांच में सभी नोट जाली पाए गए। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरहलगंज निवासी रोहित कुमार शाही के रूप में हुई है।
शुक्रवार को अरेराज एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी के मोबाइल की जांच में सोनू सिंह नामक व्यक्ति के साथ जाली नोटों के लेन-देन से जुड़ी संदिग्ध चैट और तस्वीरें मिली हैं। इसके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने मोतिहारी और बेतिया में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान बेतिया के बानू छापर थाना क्षेत्र स्थित बेलवा निवासी फरार आरोपी अशोक मिश्रा के घर से 3.50 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, अशोक मिश्रा इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। उसके खिलाफ पहले से जाली नोटों से जुड़े करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। गिरोह के सदस्य एक लाख रुपये के असली नोट के बदले चार लाख रुपये के नकली नोट देने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और इस नेटवर्क के बिहार के अन्य जिलों में फैलाव का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितनी मात्रा में जाली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं।





