मसौढ़ी, पटना: बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के रेवां पंचायत स्थित खरजावां गांव में कैंसर पीड़ित GRP जवान की कथित पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उत्पाद पुलिस पर जवान के साथ बेरहमी से मारपीट करने और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। लोग आरोपी उत्पाद दारोगा की गिरफ्तारी और दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, पीड़ित जवान इंद्रजीत कुमार पटना रेल थाना में तैनात हैं। 29 अक्टूबर की रात करीब 9 बजकर 20 मिनट पर वे छुट्टी के बाद दवा लेकर ड्यूटी पर लौट रहे थे। इसी दौरान रीमा मुसहरी के पास उन्होंने कथित तौर पर उत्पाद विभाग के अवर निरीक्षक सौरभ चंद्र और उनकी टीम को एक मजदूर तथा उसकी पत्नी के साथ मारपीट करते देखा। इंद्रजीत ने बीच-बचाव किया और खुद को GRP जवान बताया।
आरोप है कि इसके बाद उत्पाद पुलिस के कर्मियों ने उन्हें जबरन बोलेरो में बैठा लिया और रेवां से करीब पांच किलोमीटर दूर मोरहर नदी पुल के पास ले गए। जवान का आरोप है कि वहां उनके हाथ-पैर पकड़कर लाठी-डंडों से पिटाई की गई। उन्होंने खुद को कैंसर का मरीज बताते हुए मारपीट रोकने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। जवान ने बैग से 10 हजार रुपये छीनने और धमकी देकर छोड़ने का भी आरोप लगाया है।
घटना के बाद घायल जवान मसौढ़ी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने नदौल थाना में उत्पाद कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
वहीं, ग्रामीणों और महिलाओं ने भी उत्पाद पुलिस पर छापेमारी के दौरान मारपीट और जबरन पैसे छीनने का आरोप लगाया है। गांव के सरपंच संतोष कुमार अनमोल ने कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, उत्पाद अधीक्षक निशांत कुमार ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि जवान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचा रहे थे और खुद को विजिलेंस बता रहे थे। इसी कारण हल्का बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कराया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।






