पटना: बिहार होमगार्ड क्लर्क भर्ती परीक्षा 10 और 12 जून को आयोजित की जा रही है। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। ईओयू ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया और फर्जी फोन कॉल के माध्यम से छात्रों को ठगने की कोशिश कर सकते हैं।
ईओयू के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा का प्रश्न पत्र या उत्तर पत्र उपलब्ध कराने का झूठा दावा कर सकते हैं। इसके अलावा फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए भी अभ्यर्थियों से पैसे की मांग की जा सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी दावे पूरी तरह से धोखाधड़ी हैं और इनसे सावधान रहने की आवश्यकता है।
आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि यदि किसी अभ्यर्थी को परीक्षा में सफलता दिलाने, प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने या उत्तर बताने के नाम पर कोई कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट प्राप्त होती है, तो वह तुरंत इसकी सूचना नजदीकी थाना या साइबर थाना को दें। किसी भी परिस्थिति में ऐसे लोगों को पैसे न भेजें।
ईओयू ने लोगों से यह भी अपील की है कि परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, भ्रामक संदेशों और अपुष्ट सूचनाओं को सोशल मीडिया या व्हाट्सएप समूहों में आगे साझा न करें। यदि किसी सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रश्न पत्र वायरल होने का दावा किया जा रहा हो, तो उस पोस्ट, अकाउंट और संबंधित यूआरएल की जानकारी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराएं।
जानकारी देने के लिए ईओयू ने व्हाट्सएप और मोबाइल नंबर 9031829067 जारी किया है। वहीं, digeou-bih@gov.in ईमेल पर भी शिकायत भेजी जा सकती है। यदि किसी के साथ पैसों की ठगी हो जाती है, तो वह तुरंत साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
ईओयू ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में कदाचार या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में 10 वर्ष तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसलिए अभ्यर्थियों और अभिभावकों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।