भागलपुर। भागलपुर परिषदन के सभाकक्ष में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश पासवान ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर वर्तमान सरकार की कार्यशैली, बाढ़ राहत व्यवस्था और राजनीतिक मुद्दों को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने सरकार पर जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने और बाढ़ प्रभावित लोगों तक पर्याप्त राहत नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया।
प्रेस वार्ता के दौरान सुरेश पासवान ने सरकार के बहुमत को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा सरकार के बहुमत पर सवाल खड़ा हो जाए तो सरकार ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि अगर आज बहुमत का सवाल उठता है तो सरकार कल ही गिर जाएगी और धराशायी हो जाएगी।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए धर्म के नाम पर लोगों को डराने और समाज में विभाजन पैदा करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।
बाढ़ राहत व्यवस्था पर भी साधा निशाना
सुरेश पासवान ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं और कई इलाकों में लोगों को राहत की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सरकार को युद्धस्तर पर काम करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा सकती थी। उनके अनुसार, सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई।
पूर्व मंत्री ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उसे ‘संवेदनहीन सरकार’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की पीड़ा और जमीनी हालात को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल दौरे और तस्वीरों तक सीमित होकर रह गई है।
प्रेस वार्ता के दौरान सुरेश पासवान ने सरकार से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तत्काल और प्रभावी राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में राजनीति से ऊपर उठकर प्रभावित लोगों की जान-माल और जरूरतों को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है।





