
इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या को लेकर दिए गए बयान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के पास अब विकास के मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वे हिंदू कार्ड खेलकर धर्म की राजनीति कर रहे हैं और चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
आईपी गुप्ता ने योगी के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने अयोध्या के फिर से गौरव प्राप्त करने और इसके लिए संतों के बलिदान की बात कही थी। उन्होंने कहा कि काशी, मथुरा और अयोध्या में सैकड़ों मंदिर तोड़े गए। काशी कॉरिडोर निर्माण के दौरान भी मंदिर तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में इसे गौरव का दिन कैसे कहा जा सकता है?
राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितता और कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में गड़बड़ियां हुईं तो वह गौरव का नहीं, बल्कि काला दिन था। उन्होंने यह भी कहा कि संतों के बलिदान का सम्मान करना था तो अयोध्या ट्रस्ट में संतों को सदस्य बनाया जाना चाहिए था।
विधायक ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का विरोध हो रहा है और सरकार के पास विकास के मुद्दों पर बताने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने आगामी चुनाव में भाजपा को अयोध्या की जनता का समर्थन नहीं मिलने की संभावना जताई।
वहीं, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड के बजाय वोटर कार्ड के ईपीआईसी नंबर के इस्तेमाल संबंधी बयान पर भी उन्होंने सवाल उठाए। आईपी गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार पहले आधार कार्ड को अनिवार्य करती है और अब वोटर कार्ड के इस्तेमाल की बात कर रही है। इससे नीतियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने आशंका जताई कि मतदाता सूची से नाम कटने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार से आधार और वोटर कार्ड को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की, ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत न हो।





