दीपावली और काली पूजा के अवसर पर बरारी बरगद चौक स्थित सिद्धेश्वरी काली मंदिर परिसर में इस बार श्रद्धालुओं को एक अनूठा और रोमांचकारी दृश्य देखने को मिलेगा। मंदिर परिसर को उज्जैन के महाकाल की भव्य थीम पर सजाया जा रहा है। यहां बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के साथ उनके दूतों और भूतों की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
आयोजन को भव्य और जीवंत बनाने के लिए विशेष लाइटिंग इफेक्ट्स और साउंड इफेक्ट्स की व्यवस्था की जा रही है। रोशनी और ध्वनि के अनूठे संयोजन से ऐसा वातावरण तैयार किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को उज्जैन के महाकाल की नगरी का एहसास कराएगा। यहां आने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को देखकर रोमांचित होने के साथ ही आध्यात्मिक अनुभूति भी करेंगे।
स्थानीय निवासी अजय अटल ने बताया कि इस धरती का संबंध बाबा की श्मशान भूमि से जुड़ा हुआ है। आसपास के क्षेत्रों में जिन लोगों की अंतिम यात्रा निकलती है, उनका अंतिम पड़ाव इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसी मान्यता और आस्था है कि इस पवित्र भूमि पर बाबा का आशीर्वाद सदैव बना रहता है।
उन्होंने कहा कि जहां शिव का वास होता है, वहां शक्ति की उपस्थिति भी होती है। इसी आस्था का प्रतीक बरारी बरगद चौक स्थित मां सिद्धेश्वरी काली मंदिर है, जो अपनी धार्मिक महिमा और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां के दरबार में आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इस बार महाकाल की भव्य झांकी, आकर्षक सजावट और आधुनिक तकनीक से तैयार किए जा रहे लाइटिंग एवं साउंड इफेक्ट्स के कारण सिद्धेश्वरी काली मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। धार्मिक आस्था, परंपरा और आधुनिक प्रस्तुति का यह संगम इस बार काली पूजा के आकर्षण को और भी खास बनाने जा रहा है।





