
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के हरदिया में करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आरसीसी पुल के एप्रोच पथ में दरार और सड़क धंसने का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए एप्रोच पथ की रिपेयरिंग कराई थी। हालांकि, रिपेयरिंग के कुछ ही समय बाद सड़क की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मरम्मत के बाद एप्रोच पथ पर डाला गया कंक्रीट और अलकतरा कई जगहों पर टूटने लगा है। सड़क की ऊपरी परत के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर मरम्मत का काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया गया होता तो इतनी जल्दी सड़क की स्थिति खराब नहीं होती।
मामला अब राजनीतिक तौर पर भी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। पूर्व विधायक और राजद नेता राजेंद्र राम ने पुल निर्माण और एप्रोच पथ की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने निर्माण कार्य में गड़बड़ी और विभागीय उदासीनता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
राजेंद्र राम का कहना है कि केवल ऊपर से रिपेयरिंग कर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की है कि जहां एप्रोच पथ खराब हो चुका है, वहां की सड़क को दोबारा तोड़कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से नया एप्रोच पथ तैयार कराया जाए, ताकि आने वाले समय में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
इधर, एप्रोच पथ की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पुल और सड़क जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संरचना के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर रिपेयरिंग में किस तरह की सामग्री और किस तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जो कुछ ही समय में सड़क फिर से खराब होने लगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग मामले में दोबारा जांच कराकर गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या केवल मरम्मत तक ही कार्रवाई सीमित रहती है।





