बिहार के बेगूसराय स्थित श्रीकृष्ण महिला कॉलेज में संदिग्ध एडमिट कार्ड जारी किए जाने का मामला सामने आया है। कॉलेज प्रशासन की जांच में करीब 150 संदिग्ध एडमिट कार्ड जब्त किए गए हैं। वहीं, छात्राओं से एडमिट कार्ड के नाम पर पैसे लेने के भी आरोप लगे हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, नगर थाना पुलिस ने भी संबंधित पेपर हाउस संचालक से पूछताछ की है।
जानकारी के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को कई छात्राएं अपना एडमिट कार्ड लेकर श्रीकृष्ण महिला कॉलेज पहुंचीं। कॉलेज प्रशासन ने जब एडमिट कार्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की, तो कई कार्ड संदिग्ध पाए गए। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य सह प्रोफेसर विमल कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।
जांच के दौरान कॉलेज प्रशासन ने करीब 150 संदिग्ध एडमिट कार्ड जब्त किए। आरोप है कि छात्राओं को एडमिट कार्ड उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे पैसे भी लिए गए थे। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कई छात्राओं को उनकी राशि वापस कराई गई। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितनी छात्राओं से कितनी रकम ली गई और कितनी छात्राओं को पैसे वापस मिले हैं।
मामले की सूचना नगर थाना पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने संबंधित पेपर हाउस संचालक से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान संचालक द्वारा माफी मांगे जाने की बात सामने आई है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह का मामला दोबारा सामने आने पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष अमरेश कुमार ने पेपर हाउस संचालक नवीन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कॉलेज के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर एक फॉर्मेट तैयार किया गया था। इसी के आधार पर छात्राओं को कथित तौर पर इंटरनल एडमिट कार्ड और बीएससी सेमेस्टर-3 के एडमिट कार्ड उपलब्ध कराए गए।
एआईएसएफ ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।





