बिहार में साल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद राज्य में लगातार शराब की बरामदगी होती रहती है। जब्त शराब को बाद में नष्ट कर दिया जाता है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सुझाव दिया है कि यदि तकनीकी और कानूनी रूप से संभव हो, तो बरामद शराब को नष्ट करने के बजाय सैनिटाइजर या अन्य उपयोगी सामग्री बनाने में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
गया में अपने पैतृक गांव महकार में जन्मदिन समारोह के दौरान मांझी ने शराबबंदी को लेकर कहा कि बरामद शराब को बर्बाद कर देने के बजाय उससे उपयोगी सामग्री तैयार करने पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे जब्त शराब का किसी सकारात्मक काम में उपयोग हो सकेगा।
वहीं, केंद्रीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी मांझी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वे बिना सिर-पैर की बातें कर रहे हैं। मांझी ने कहा कि जिन्हें राजनीति करनी है, वे राजनीति करें। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
दरअसल, महकार में मांझी ने अपना 82वां जन्मदिन मनाया। यह पहला मौका था जब उन्होंने समारोहपूर्वक जन्मदिन मनाया। इस दौरान केक काटने के साथ कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। मांझी ने पौधारोपण भी किया। पौधारोपण के बाद उन्होंने अपने माता-पिता को याद किया और भावुक हो गए।
मांझी ने कहा कि उन्होंने कभी मुख्यमंत्री बनने के बारे में नहीं सोचा था, लेकिन वे मुख्यमंत्री बने। केंद्रीय मंत्री बनने की भी उन्होंने कल्पना नहीं की थी, लेकिन यह भी हुआ। उन्होंने कहा कि यह सब उनके पूर्वजों की कृपा से संभव हुआ।
यूसीसी पर मांझी ने कहा कि समान नागरिक संहिता को हित के नजरिए से देखा जाना चाहिए। कई राज्यों में इसे लागू किया गया है और वे चाहते हैं कि यूसीसी हर राज्य में लागू हो। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं पैदा होनी चाहिए और वे पहले भी यूसीसी के समर्थन में थे और आज भी हैं।
SIR को लेकर मांझी ने कहा कि इसका उद्देश्य किसी भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची का सत्यापन करना है। पात्र लोगों का नाम यदि सूची में नहीं है, तो उन्हें भी मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए।





