भागलपुर। जिले में जमीन विवाद को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुणाल सिंह पर दबंगई करने और जबरन जमाबंदी रद्द कराने की बात कहने का आरोप लगाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब इसी मामले में कुणाल कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा है।
प्रेस वार्ता के दौरान कुणाल कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को पूरी तरह फेक बताया। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह उनके पूर्वजों की संपत्ति है। उनके अनुसार, उनके पिता ने संबंधित जमीन को कभी बेचा ही नहीं था।
कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि यदि उनके पिता ने जमीन किसी व्यक्ति को बेची होती, तो संबंधित पक्ष को इसके लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जमीन की बिक्री का दावा करने वाले लोग न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेने के बजाय अलग-अलग जगहों पर मामले को उठा रहे हैं।
प्रेस वार्ता में दस्तावेज दिखाने का दावा
प्रेस वार्ता के दौरान कुणाल कुमार सिंह ने जमीन से संबंधित कुछ दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। उन्होंने दावा किया कि दूसरे पक्ष की ओर से जमीन की बिक्री के प्रमाण के तौर पर जो कागजात दिखाए जा रहे हैं, उनमें जमीन की बिक्री का कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं है। उनके मुताबिक, दूसरे पक्ष के पास कथित तौर पर केवल एक शपथ पत्र है।
कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि शपथ पत्र के आधार पर जमीन की बिक्री न तो पहले हुई थी और न ही अब हो सकती है। उन्होंने अपने पक्ष में प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर अपने परिवार के अधिकार का दावा किया।
फिलहाल जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो और प्रेस वार्ता में सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जमीन के वास्तविक स्वामित्व और दस्तावेजों की वैधता को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित राजस्व एवं न्यायिक प्रक्रिया में सामने आ सकती है।






