जामताड़ा के नाला प्रखंड से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के सरकारी दावों पर सवाल खड़े करती है। पंजूनिया पंचायत के बेनागड़िया गांव में विजय राउत का परिवार आज भी जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। बरसात के दिनों में घर की दीवारों और जमीन से पानी रिसने लगता है, जिससे परिवार की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
नाला प्रखंड के पंजूनिया पंचायत अंतर्गत बेनागड़िया गांव निवासी विजय राउत का परिवार आर्थिक तंगी के बीच एक जर्जर कच्चे मकान में जिंदगी गुजार रहा है। बारिश होने के बाद स्थिति और भी खराब हो जाती है। घर की जमीन और दीवारों से पानी रिसने लगता है और देखते ही देखते मकान के अंदर पानी जमा हो जाता है।
परिवार के सदस्यों को घर में जमा पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। पानी भर जाने के कारण परिवार के लोगों को खाने-पीने और सोने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों के लिए भी घर में रहना मुश्किल हो जाता है।
बताया गया कि विजय राउत का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। परिवार में तीन बेटियां हैं और कोई स्थायी कमाने वाला सदस्य नहीं है। ऐसे में जर्जर मकान ही परिवार का सहारा बना हुआ है। हर बारिश के दौरान परिवार को इसी घर में परेशानियों के बीच रहना पड़ता है।
मामले को लेकर पंजूनिया पंचायत की मुखिया ने बताया कि ग्रामसभा के माध्यम से विजय राउत के परिवार का नाम अबुआ आवास योजना के लिए प्रस्तावित कर प्रखंड कार्यालय भेजा गया था। हालांकि, अबुआ आवास की अंतिम सूची में परिवार का नाम शामिल नहीं हो सका। मुखिया के अनुसार परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रतीक्षा सूची में होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर परिवार की स्थिति का निरीक्षण करें और जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करें। लोगों का कहना है कि गरीब परिवार को जर्जर मकान और जलजमाव के बीच रहने से राहत मिलनी चाहिए।





