गोपालपुर। नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में बुधवार को भी गिरावट जारी रही। जलस्तर घटने से तटवर्ती इलाकों के लोगों को राहत मिली है, हालांकि नदी किनारे कटाव की आशंका को देखते हुए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज तीन सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है।
इस्माईलपुर-बिंदटोली स्पर संख्या-7 पर बुधवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 31.57 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गयी है।
इसके बावजूद नदी का जलस्तर खतरे के निशान के काफी करीब बना हुआ है। जलस्तर में कमी के साथ ही कटाव की स्थिति पर भी विभाग नजर रख रहा है।
राघोपुर सबडिवीजन-2 में गंगा का जलस्तर 32.78 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में यहां 10 सेंटीमीटर की कमी आयी है।
वर्तमान में गंगा चेतावनी स्तर से 10 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। काजीकौरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध पर कटाव की स्थिति को देखते हुए मुख्य अभियंता लगातार कैंप कर रहे हैं।
बांध के आसपास बीच-बीच में कटाव होने की सूचना के बाद विभागीय अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी हुई है।
इधर, मदरौनी में भी कोसी नदी के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। बुधवार को यहां कोसी का जलस्तर 30.76 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में 14 सेंटीमीटर की गिरावट हुई है।
फिलहाल कोसी नदी खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
मदरौनी के अलावा जेबी चोरहर में भी कोसी के जलस्तर में कमी जारी है। नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का दबाव कम हुआ है।
हालांकि जलस्तर खतरे के निशान के आसपास होने के कारण प्रशासन और जल संसाधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों की ओर से तटबंधों, स्परों और संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी की जा रही है।





