दीपावली का पर्व रोशनी, खुशियों और आपसी प्रेम का प्रतीक है। इसी संदेश को साकार करते हुए छोटी दीपावली की शाम ‘भागलपुर मांगे विकास’ मंच की ओर से शहर के झुग्गी-झोपड़ी बहुल एवं अभावग्रस्त इलाकों में जरूरतमंद परिवारों के बीच दीपावली की खुशियां बांटी गईं। मंच के प्रोपराइटर विशाल आनंद के नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने जरूरतमंद बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के साथ त्योहार मनाया।
इस दौरान टीम के सदस्य कच्ची बस्तियों की तंग गलियों और झोपड़ियों तक पहुंचे। वहां बच्चों के साथ मिलकर मिट्टी के दीये जलाए गए और घरों को रोशनी से सजाया गया। बच्चों के बीच फुलझड़ियां भी जलाई गईं। आमतौर पर अभावों के बीच जीवन गुजारने वाले इन परिवारों के लिए दीपावली की यह शाम कुछ खास बन गई। दीयों की रोशनी और बच्चों की खिलखिलाहट से बस्तियों का माहौल उत्सवमय हो उठा।
कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद परिवारों, असहाय बुजुर्गों और बच्चों के बीच नए वस्त्रों का वितरण भी किया गया। नए कपड़े पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। टीम के सदस्यों ने बच्चों और बुजुर्गों के साथ समय बिताया तथा उन्हें त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर विशाल आनंद ने कहा कि ‘भागलपुर मांगे विकास’ मंच केवल शहर के बुनियादी मुद्दों और विकास की आवाज उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के साथ खुशियां साझा करना भी इसकी प्राथमिकता है। त्योहारों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के जीवन में भी खुशियों का उजाला पहुंचे।
इस पहल के माध्यम से मंच ने सामाजिक सहयोग, मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। जरूरतमंदों के बीच दीप जलाकर और नए वस्त्र बांटकर मनाई गई यह दीपावली समाज में संवेदनशीलता और सामाजिक समरसता की एक सुंदर मिसाल बन गई।





