जहानाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभुक सूची में कथित गड़बड़ी और पात्र परिवारों के नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर मोदनगंज प्रखंड के कई मुखियाओं और जनप्रतिनिधियों ने बुधवार को उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार विभूति से मुलाकात कर मामले की जांच कराने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सर्वे और सूची तैयार करने की प्रक्रिया में अनियमितता के कारण वास्तविक जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
ओकरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विभूति शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल डीडीसी कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में सरिस्ताबाद के मुखिया विजय चौधरी, मोदनगंज प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह बंधुगंज मुखिया प्रदीप कुमार, बरामा मुखिया समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने डीडीसी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए पात्र लाभुकों को सूची में शामिल करने और अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की।
विभूति शर्मा ने आरोप लगाया कि आवास योजना के सर्वे में कई स्तरों पर लापरवाही हुई है। उनके अनुसार, पंचायत की प्रारंभिक सूची में 257 लाभुकों के नाम शामिल थे, जबकि बाद में 337 लोगों की सूची तैयार की गई। हालांकि अंतिम सूची जारी होने के बाद कई ऐसे लोगों के नाम गायब मिले, जिन्हें जनप्रतिनिधियों ने पात्र बताया है।
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि सर्वे के दौरान कई गांवों में कर्मियों ने मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सही तरीके से जायजा नहीं लिया। इससे कच्चे मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों, विधवा और दिव्यांग लाभुकों के नाम सूची से बाहर होने की बात कही जा रही है। वहीं, कुछ पक्के मकान वाले परिवारों को कच्चा मकान दिखाकर एक ही घर में कई आवास स्वीकृत किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण लगातार उनसे शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर पात्र लाभुकों के नाम सूची में शामिल करने की मांग की।
वहीं, डीडीसी आदित्य कुमार विभूति ने कहा कि सरकार का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सूची तैयार करने में कहीं कोई चूक हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





