जामताड़ा में मतदाता सूची को लेकर भाजपा ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिला भाजपा की ओर से गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नेताओं ने 5 अगस्त को प्रशासन द्वारा जारी मतदाता प्रारूप सूची में भारी अनियमितता का दावा किया। जिलाध्यक्ष सुमित शरण की अध्यक्षता में हुई प्रेस वार्ता में जिला महामंत्री कमलेश मंडल और बीएलई-1 हरिमोहन मिश्रा ने मतदाता सूची से जुड़े दस्तावेज मीडिया के सामने रखे।
भाजपा नेताओं के मुताबिक, जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में मकान संख्या-1 पर कुल 54 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने दावा किया कि इसी मकान नंबर पर मुस्लिम, हिंदू और आदिवासी समुदायों के मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोग वास्तव में एक ही मकान में रह रहे हैं तो कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन एक ही मकान नंबर पर इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का पंजीकरण कैसे हुआ, इसकी जांच जरूरी है।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि जिले के कई अन्य इलाकों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां देखने को मिल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मकान संख्या शून्य पर सैकड़ों मतदाताओं के नाम दर्ज होने का भी दावा किया गया है।
वहीं, बीएलई-1 हरिमोहन मिश्रा ने आरोप लगाया कि सोची-समझी साजिश के तहत जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से करीब 42 हजार वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें करीब 14 हजार आदिवासी मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं। साथ ही एक विशेष समुदाय के मतदाताओं के नाम गलत तरीके से जोड़े जाने का आरोप लगाया गया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि हाल के जामताड़ा दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए थे।
अब भाजपा ने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से पूरे विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की निष्पक्ष और तत्काल जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जांच के बाद जो भी त्रुटियां सामने आएं, उन्हें दूर कर मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जाए।








