सहरसा जिले में राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन के शिकार का मामला सामने आया है। कोसी नदी के डरहार गांव के समीप दो शिकारियों द्वारा जाल में फंसाकर डॉल्फिन का शिकार किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि शिकार के बाद नाव पर ही डॉल्फिन से तेल निकालने का प्रयास किया जा रहा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया और तत्काल कार्रवाई शुरू की।
वनपाल मोहम्मद अब्दुल सलाम के नेतृत्व में वन विभाग की संयुक्त टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। छापेमारी की भनक लगते ही आरोपी मृत डॉल्फिन को नदी किनारे छोड़कर फरार हो गए। टीम ने मौके से मृत गांगेय डॉल्फिन बरामद की है।
मामले में वन विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी वीरेंद्र की तलाश की जा रही है। वन विभाग की रेंज ऑफिसर ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि मामले में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि गांगेय डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है। वर्ष 2009 में इसे राष्ट्रीय जलीय जीव का दर्जा दिया गया था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत इसे सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है और इसका शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है।
डॉल्फिन नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है और इसे नदी के स्वास्थ्य का जैव-संकेतक भी माना जाता है। ऐसे में इसका अवैध शिकार कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ जलीय पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और डॉल्फिन के संरक्षण को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।






