आपने बाबा धाम जाने वाले कई कांवरियों को देखा होगा, लेकिन आज हम आपको जिस कांवरिया की कहानी बता रहे हैं, उनका संकल्प और आस्था बेहद अलग है। बांका जिले के रहने वाले सुनील दास इन दिनों कच्ची कांवरिया पथ पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उन्हें लोग ‘हठयोगी कांवरिया’ के नाम से भी जानते हैं।
सुनील दास अब तक छह बार डाक कांवरिया बनकर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर चुके हैं। हालांकि इस बार उन्होंने ऐसा कठिन संकल्प लिया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। उन्होंने प्रण लिया है कि वे सिर्फ एक पैर के सहारे करीब 105 किलोमीटर की दूरी तय कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे।
विश्व के महाकल्याण की कामना को लेकर निकले सुनील दास की यह यात्रा बेहद कठिन और धीमी गति से आगे बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक, पिछले 12 दिनों में वे महज 13 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पाए हैं। इसके बावजूद उनके चेहरे पर थकान से ज्यादा आस्था और संकल्प नजर आता है।
एक पैर पर शरीर का संतुलन बनाकर सुनील दास धीरे-धीरे एक-एक कदम आगे बढ़ाते हैं। उनकी अनोखी यात्रा को देखने के लिए कच्ची कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। कोई उनके संकल्प को नमन कर रहा है तो कोई उनके हौसले और भक्ति की सराहना कर रहा है।
सुनील दास का लक्ष्य भादो महीने की 15 तारीख तक बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर अपना संकल्प पूरा करना है। उनके सामने करीब 105 किलोमीटर का लंबा सफर है, जबकि अब तक वह सिर्फ 13 किलोमीटर की दूरी तय कर पाए हैं। ऐसे में मंजिल तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं होगा।
रास्ता लंबा है, सफर बेहद कठिन है और मंजिल अभी दूर है, लेकिन सुनील दास का हौसला और संकल्प अटूट है। अब देखने वाली बात होगी कि एक पैर के सहारे शुरू हुई यह अनोखी कांवर यात्रा कब पूरी होती है और कब ‘हठयोगी कांवरिया’ बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचकर अपना प्रण पूरा करते हैं।






