झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब भारतीय जनता युवा मोर्चा का समर्थन मिलने लगा है। धनबाद में भाजयुमो नेताओं ने प्रेसवार्ता कर घोषणा की कि छात्रों के समर्थन में पूरे राज्य से युवा मोर्चा के कार्यकर्ता 10 अगस्त को विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होंगे।
भाजयुमो के जिलाध्यक्ष नित्यानंद मंडल ने प्रेसवार्ता में राज्य सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में पेपर लीक समेत कई तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसे लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।
नित्यानंद मंडल ने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीडीपीएल को देना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सीधे तौर पर लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने राज्य सरकार से भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल किसी एक जिले या संगठन का मुद्दा नहीं है, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। इसी को देखते हुए भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता 10 अगस्त को बड़ी संख्या में विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि भाजयुमो का उद्देश्य छात्रों की आवाज को मजबूती देना और उनके आंदोलन में साथ खड़ा होना है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
संवाददाता: राजेश कुमार, धनबाद





