
धनबाद नगर निगम के वार्ड संख्या 11 के पार्षद बदरी रविदास एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। वार्ड के पूर्व पार्षद प्रत्याशी प्रहलाद कुमार ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर पार्षद की सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उनकी सदस्यता पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रहलाद कुमार ने बताया कि वर्ष 2011 के चर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में धनबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने 10 जुलाई 2026 को फैसला सुनाते हुए बदरी रविदास समेत कई आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि अदालत के इस फैसले के बाद पार्षद पद पर बने रहना कानून और लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप नहीं है।
प्रहलाद कुमार ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वह राज्य के नगर विकास मंत्री से मुलाकात कर चुके हैं और पूरे मामले की जानकारी उन्हें दी है। इसके अलावा वह धनबाद के उपायुक्त को भी ज्ञापन सौंपकर पार्षद बदरी रविदास की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि दोषसिद्धि के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनी रहे।
उन्होंने यह भी मांग की कि जब तक सक्षम प्राधिकारी इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं लेता, तब तक बदरी रविदास को नगर निगम की बोर्ड बैठकों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाए। उनका आरोप है कि यदि दोषसिद्ध व्यक्ति बोर्ड की बैठकों में भाग लेते हैं तो इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली और उसकी साख पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक धनबाद नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, पार्षद बदरी रविदास का पक्ष भी समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा, ताकि समाचार में सभी पक्षों को समान अवसर मिल सके।






