जामताड़ा में सदर अस्पताल में हाल ही में हुई एक महिला और नवजात की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली तथा राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पीडब्ल्यूडी परिसर से बजरंगबली चौक तक मशाल जुलूस निकालते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘हेमंत सरकार होश में आओ’, ‘स्वास्थ्य मंत्री हाय-हाय’ और ‘डॉ. इरफान अंसारी की दादागिरी नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में हुई घटना के बाद जनता के आक्रोश को दबाने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
बजरंगबली चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रत्याशी माधव चंद्र महतो ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता के प्रति संवेदनशील है तो स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपनी विफलता छिपाने के लिए सरकार विरोध करने वालों पर मुकदमे दर्ज करा रही है।
भाजपा नेताओं ने घोषणा की कि 31 जुलाई को जामताड़ा समाहरणालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान झूठे मुकदमे वापस लेने, अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था में सुधार करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई जाएगी। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज करते हुए ‘जेल भरो आंदोलन’ भी शुरू किया जाएगा।
मशाल जुलूस का नेतृत्व नाला मंडल अध्यक्ष कैलाश मंडल, नाला पूर्वांचल मंडल अध्यक्ष किशन मुर्मू तथा खैरा मंडल अध्यक्ष मोहित भोक्ता ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा





