बिहार की राजधानी पटना से सटे धनरूआ थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह से जुड़ी दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है और दो महीने की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके पिता को सौंप दिया है। इस कार्रवाई में धनरूआ पुलिस के साथ जहानाबाद आरपीएफ और जीआरपी की भी अहम भूमिका रही।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निवासी मिता भौमिक और पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना निवासी सुनीता भट्टाचार्य के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये दोनों महिलाएं एक अंतरराज्यीय बच्चा तस्कर गिरोह की सक्रिय सदस्य हैं, जो नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिलाओं और बच्चों को अपने जाल में फंसाती थीं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब धनरूआ के पभेड़ा गांव निवासी पूजा कुमारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि 23 जून 2026 को गांव की ही एक महिला उसे नौकरी दिलाने के बहाने पटना ले गई। वहां अन्य लोगों ने उसे राजस्थान के कोटा में काम दिलाने का भरोसा दिया। इसी दौरान उसकी दो महीने की बेटी को रिश्तेदार के पास रखने का बहाना बनाकर अपने साथ ले लिया गया। बाद में कोटा पहुंचने पर उसे बताया गया कि उसकी बच्ची को बेच दिया गया है और अब उसे वापस नहीं लाया जा सकता।
शिकायत मिलते ही धनरूआ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की। लगातार कार्रवाई के दौरान जहानाबाद आरपीएफ और जीआरपी के सहयोग से एक ट्रेन के स्लीपर कोच से दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मासूम बच्ची को सुरक्षित बरामद कर जहानाबाद जीआरपी थाना में उसके पिता राजू गिरी को सौंप दिया गया। गिरफ्तार महिलाओं को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए धनरूआ थाना लाया गया है।
“नौकरी दिलाने के नाम पर धनरूआ के एक गांव की महिला और पटना की दो महिलाओं ने तीन बच्चियों को बेच दिया था। इस मामले में पहले तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब अंतरराज्यीय गिरोह की दो अन्य महिला सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।”
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई से न केवल एक मासूम की जिंदगी बची है, बल्कि बच्चा तस्करी के बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि नौकरी या बेहतर भविष्य का झांसा देने वाले अजनबियों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।





