
सहरसा। सदर अस्पताल सहरसा में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब महिषी स्वास्थ्य केंद्र से रेफर होकर पहुंची एक प्रसूता को चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए महिषी स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। परिजनों ने सिविल सर्जन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मृतका की पहचान बनगांव थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर-12 निवासी मोहम्मद सद्दाम की करीब 25 वर्षीय पत्नी शाहीन प्रवीण के रूप में हुई है। बताया गया कि शाहीन प्रवीण को शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन महिषी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, प्रसव के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
मृतका की भाभी रुबेदा प्रवीण ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा से परेशान शाहीन को स्वास्थ्य कर्मियों ने तीन सुई लगाई। इसके बाद उसकी आंखें बंद हो गईं और वह बेहोशी की हालत में चली गई। परिजनों द्वारा पूछने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने कथित तौर पर इसे नींद आने की बात बताई। रुबेदा का आरोप है कि इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रसव कराने के दौरान महिला के पेट पर दबाव डाला गया। इसी दौरान शाहीन ने एक नवजात बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर होती चली गई।
परिजनों के मुताबिक, महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए महिषी स्वास्थ्य केंद्र से उसे सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने जांच की, जिसके बाद शाहीन प्रवीण को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, नवजात की हालत भी गंभीर बताई जा रही है और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने महिषी स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
इधर, सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने कहा कि मामले को लेकर आवेदन मिलने पर जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, प्रसूता की मौत के वास्तविक कारण और स्वास्थ्य कर्मियों पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।





