धनबाद: धनबाद के गांधी सेवा सदन में आयोजित एक प्रेसवार्ता में शाहिना परवीन और उनके परिवार ने अपनी पैतृक जमीन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि उनके चचेरे भाई ने कथित रूप से फर्जी वंशावली तैयार कर उनकी 24 डिसमिल जमीन की अवैध तरीके से बिक्री कर दी। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में स्थानीय वार्ड पार्षद की भूमिका भी संदिग्ध है और उनकी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का सौदा कराया गया।
शाहिना परवीन ने बताया कि विवादित भूमि धनबाद मौजा के खाता संख्या-50 और प्लॉट संख्या-167 में स्थित है। कुल 24 डिसमिल क्षेत्रफल वाली यह जमीन इंडियन ऑयल के पीछे स्थित है। इस संपत्ति के स्वामित्व को लेकर धनबाद सिविल कोर्ट में टाइटल सूट संख्या 152/2026 विचाराधीन है। इसके बावजूद कथित रूप से जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई, जिससे उनके परिवार को आर्थिक और कानूनी दोनों तरह का नुकसान हुआ है।
प्रेसवार्ता के दौरान परिवार की ओर से एक सार्वजनिक सूचना भी जारी की गई। इसमें दावा किया गया कि जिस वंशावली के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी, उसे वर्तमान वार्ड पार्षद ने कथित रूप से फर्जी और छल-कपट से तैयार पाया तथा पूर्व में जारी वंशावली को निरस्त कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद विवादित जमीन की खरीद-बिक्री कर दी गई।
मोहम्मद असलम ने कहा कि जब भूमि विवाद का मामला न्यायालय में लंबित है, तब ऐसी जमीन का सौदा किया जाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो ऐसे मामलों से लोगों का कानून और प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी वंशावली और दस्तावेज तैयार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा विवादित जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





