बगहा में बाघ का आतंक: गन्ने के खेत से निकला, गाय के बछड़े को बनाया शिकार; इलाके में दहशत, वन विभाग ने शुरू की ट्रैकिंग

बगहा: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत रामनगर प्रखंड के बड़ा बेलवा गांव में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मसान नदी किनारे गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने एक गाय के बछड़े पर हमला कर उसे मार डाला। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि वन विभाग ने बाघ की ट्रैकिंग तेज कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार, बड़ा बेलवा गांव निवासी कृष्णा यादव अपने मवेशियों को मसान नदी के किनारे चराने ले गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर एक गाय के बछड़े को अपना शिकार बना लिया। हमले के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण शोर मचाते हुए मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बाघ बछड़े को मारकर जंगल की ओर निकल चुका था।

ग्रामीण शुभनारायण यादव ने बताया कि जब बछड़ा नहीं मिला तो उसकी तलाश शुरू की गई। कुछ दूरी पर उसका शव मिला और आसपास बाघ के पैरों के निशान भी दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि गांव के लोग रोजाना मसान नदी के किनारे घास काटने और मवेशी चराने जाते हैं, लेकिन अब वहां जाने से डर लग रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की राघिया रेंज की टीम मौके पर पहुंची। डीएफओ विकास अहलावत ने बताया कि अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और बाघ के पैरों के निशान व अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से मसान नदी और आसपास के रिहायशी इलाकों में बाघ की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है ताकि बाघ को सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर मोड़ा जा सके।

वन विभाग ने ग्रामीणों से सुबह-शाम अकेले जंगल या नदी किनारे नहीं जाने, मवेशियों को समूह में चराने तथा बाघ दिखने या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को देने की अपील की है। वहीं, बड़ा बेलवा और आसपास के गांवों के लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और बाघ को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

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