जामताड़ा सदर अस्पताल में कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सह स्थानीय विधायक डॉ. इरफान अंसारी का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भाजपा का आरोप है कि कुछ दिन पहले सदर अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही के कारण गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। पार्टी का दावा है कि उस समय परिजनों और अस्पताल के डॉक्टरों व नर्सों के बीच कहासुनी हो रही थी, जिसे जिलाध्यक्ष ने शांत कराने का प्रयास किया। भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या उपद्रव नहीं किया।
भाजपा का आरोप है कि इसके बावजूद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के दबाव में अस्पताल प्रबंधन ने जिलाध्यक्ष सुमित शरण, जिला महामंत्री कमलेश मंडल, नगर अध्यक्ष प्रदीप राउत समेत कई भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ जामताड़ा थाना में झूठा मामला दर्ज करा दिया। पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
इसी के विरोध में शनिवार को मां चंचला मंदिर के समीप भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि यदि दर्ज मुकदमा तत्काल वापस नहीं लिया गया तो भाजपा चरणबद्ध और उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
प्रदर्शन में युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मनीष दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश राय, माधव चंद्र महतो, तरुण गुप्ता, हरिमोहन मिश्रा, बालमुकुंद रविदास, बबीता झा, तापस भट्टाचार्य, कैलाश मंडल, रंजीत तिवारी, मोहन शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जामताड़ा का राजनीतिक माहौल गर्म है। मामले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा





