झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। इसी क्रम में 21 जुलाई को बोकारो में मशाल जुलूस तथा 22 जुलाई को रांची में प्रदेशस्तरीय विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। आंदोलन की रूपरेखा को लेकर शनिवार को बोकारो परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जेपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और अभ्यर्थियों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान उस समय माहौल दिलचस्प हो गया, जब पत्रकारों ने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि यदि पार्टी जेपीएससी में कथित गड़बड़ियों को लेकर इतना मुखर है, तो राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले में उसका रुख उतना आक्रामक क्यों नहीं दिख रहा। इस सवाल के जवाब में भाजपा नेताओं ने कहा कि नीट मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य किसी भी परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना और युवाओं के हितों की रक्षा करना है। चाहे मामला जेपीएससी का हो या नीट का, पार्टी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की पक्षधर है।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा, जब सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
संवाददाता: चंदन सिंह






