सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड की मोहनपुर पंचायत में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। लोगों का आरोप है कि बिना नाली बनाए सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या और गंभीर हो जाएगी। पंचायत समिति सदस्य मुन्नी कुमारी ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए पहले नाली और उसके बाद सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई है।
मोहनपुर पंचायत में सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्षों से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। बारिश होते ही सड़कों पर पानी भर जाता है और कई घरों में भी पानी घुस जाता है। ऐसे में यदि बिना नाली बनाए सड़क का निर्माण कर दिया गया तो बारिश का पानी निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा, जिससे समस्या और बढ़ जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के एक विद्यालय परिसर में भी हर साल जलजमाव की स्थिति बन जाती है। स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते पर पानी भर जाने से बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। कई बार पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले नाली बना दी जाए तो बारिश का पानी आसानी से निकल सकेगा और सड़क भी लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी।
इस मुद्दे पर पंचायत समिति सदस्य मुन्नी कुमारी ने भी मुखर होकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, न कि नई परेशानियां पैदा करना। इसलिए सबसे पहले जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की कि पहले नाली का निर्माण कराया जाए और उसके बाद ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया जाए।
फिलहाल ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो बरसात के मौसम में जलजमाव की समस्या और गंभीर हो जाएगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह ग्रामीणों की मांग को कितना महत्व देता है और विकास कार्य की प्राथमिकताओं में क्या बदलाव करता है।






