सहरसा जिले के सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के मनोरी साह टोला में हुए चर्चित रूपेश साह हत्याकांड का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग को मुख्य वजह बताया गया है। इस मामले में पुलिस ने अशोक साह उर्फ कैला (34 वर्ष) और उसकी पत्नी वीणा देवी को गिरफ्तार किया है। दोनों मनोरी वार्ड संख्या-06 के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
रविवार को सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 10 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे रूपेश साह (पिता स्वर्गीय जुगेश्वरी साह) का शव उनके घर से लगभग 40 मीटर दूर स्थित गोशाला में बरामद हुआ था। मृतक के चेहरे पर गंभीर चोट के निशान मिले थे, जबकि उनका मोबाइल फोन भी घटनास्थल से गायब था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और सोनवर्षा राज थाना में अज्ञात के खिलाफ कांड संख्या-145/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष अनुसंधान टीम ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
गिरफ्तार आरोपी अशोक साह उर्फ कैला की निशानदेही पर गांव से करीब एक किलोमीटर पूर्व चौड़ स्थित एक तालाब से मृतक का आधा टूटा और क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। फिलहाल दोनों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है।
एसडीपीओ ने बताया कि इस चर्चित हत्याकांड के सफल उद्भेदन में सोनवर्षा राज थानाध्यक्ष नागमणि कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक विवेक कुमार, राजा कुमार, राकेश कुमार शर्मा तथा थाना रिजर्व गार्ड के जवानों की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है।
संवाददाता : इन्द्रदेव जी






