
सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड में डिग्री महाविद्यालय के संचालन को लेकर स्थानीय लोगों का आंदोलन तेज हो गया है। प्रखंड मुख्यालय के पूर्वी भाग स्थित चबूतरा पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे लोगों की मांग है कि प्रस्तावित डिग्री महाविद्यालय का संचालन महंथ सरयुग दास +2 उच्च विद्यालय, मेनहा परिसर में किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मेनहा में पर्याप्त भूमि, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और छात्रों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे पूरे क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।धरना दे रहे लोगों का कहना है कि वर्तमान में जिस स्थान पर डिग्री कॉलेज के संचालन की बात की जा रही है, वहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा वह स्थान प्रखंड के कई गांवों से काफी दूर पड़ता है, जिससे छात्रों, खासकर छात्राओं को आने-जाने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना है कि दूरी और यातायात की सीमित सुविधाओं के कारण कई छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह सकते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि महंथ सरयुग दास +2 उच्च विद्यालय, मेनहा में कॉलेज संचालन के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। यहां पहले से शैक्षणिक माहौल मौजूद है और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। यदि यहीं डिग्री महाविद्यालय की शुरुआत होती है तो सत्तर कटैया प्रखंड के साथ-साथ आसपास के कई पंचायतों और गांवों के हजारों विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
धरने में शामिल लोगों ने प्रशासन और राज्य सरकार से छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द मेनहा में ही डिग्री महाविद्यालय के संचालन का निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए किया जा रहा है।





