जामताड़ा जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आमजन का पुलिस पर विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक शम्भु कुमार सिंह ने की। इस दौरान जिले के सभी थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, साइबर अपराध पर अंकुश और आगामी श्रावणी मेला की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में एसपी ने बताया कि मई 2026 से अब तक जिले में कुल 753 वारंटों का निष्पादन कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। वहीं जून माह के दौरान विभिन्न मामलों में वांछित 43 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि गंभीर मामलों में शामिल और हाल ही में जेल से छूटे अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों के अपराधियों की गतिविधियों की भी नियमित निगरानी करने को कहा गया। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में साइबर अपराध को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया। एसपी ने साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ लगातार छापेमारी करने, सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने तथा जिले में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित कांडों, वारंटों और स्थायी वारंटों के शीघ्र निष्पादन, बैंकों, एटीएम, ज्वेलरी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नियमित गश्त बढ़ाने तथा सड़क सुरक्षा अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
आगामी श्रावणी मेला 2026 को देखते हुए एसपी ने कांवरियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संवेदनशील मार्गों और स्थलों पर विशेष निगरानी एवं गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया। बैठक के बाद पुलिस केंद्र जामताड़ा में पुलिस सभा आयोजित कर पुलिसकर्मियों की समस्याएं भी सुनी गईं। एसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद एवं विश्वास कायम रखना भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा





