अपना बिहार झारखंड न्यूज़ चैनल पर सलखुआ थाना में कथित दलाली और पुलिस की मिलीभगत से जुड़े वायरल वीडियो और खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) ने स्वयं सलखुआ थाना पहुंचकर औचक जांच की। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर सलखुआ थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष मुकेश कुमार समेत कुल 10 पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कथित दलाल सतीश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
डीआईजी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सूचना मिली थी कि सतीश कुमार नामक व्यक्ति थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक रविता कुमारी के माध्यम से थाना में कथित दलाली करता था। साथ ही उसके भाई चंद्रकिशोर रजक पर मादक पदार्थों का सिंडिकेट चलाने का भी आरोप था। 2 जुलाई को डीआईजी ने स्वयं सलखुआ थाना में औचक जांच की। जांच के दौरान थानाध्यक्ष और सतीश कुमार के बीच मोबाइल पर बातचीत होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद गोसपुर मंदिर के पास छापेमारी कर सतीश कुमार को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके बैग से एक लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस, लैपटॉप चार्जर तथा पिपरा, सलखुआ और नवहट्टा थाना के मूल कांड की दैनिकी बरामद की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिमरी बख्तियारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
एसआईटी की जांच के बाद सलखुआ थाना कांड संख्या 107/26 दर्ज कर सतीश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं मामले में संलिप्त पाए गए 10 पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी थाना या पुलिस कार्यालय में किसी अवैध व्यक्ति द्वारा दलाली या पुलिस के नाम पर अवैध कार्य कराने की जानकारी मिले तो तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
संवाददाता: इंद्रदेव जी







