बिहार में सरकारी और निजी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के मुख्य सचिव ने मेगा प्रोजेक्ट्स की प्रगति को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान भागलपुर जिले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में भूमि अधिग्रहण, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।
भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि बैठक में गंगा नदी पर प्रस्तावित बटेश्वर-कटरिया रेल पुल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी होने के बाद भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा, जिससे व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
बैठक में गोराडीह क्षेत्र में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार का लक्ष्य भागलपुर को औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके लिए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है।
डीएम ने कहा कि भागलपुर को भविष्य में केवल इंडस्ट्रियल हब ही नहीं, बल्कि एजुकेशन सिटी और आईटी हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इस दिशा में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उनका मानना है कि शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्र में विकास होने से जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि भागलपुर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए रेल पुल, एक्सप्रेस-वे और फोरलेन सड़क परियोजनाओं पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी और जिले के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
गौरतलब है कि हाल ही में बिहार सरकार के आईटी मंत्री एवं भागलपुर के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्र की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में भी भागलपुर को एजुकेशन सिटी और आईटी सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई थी। अब मुख्य सचिव स्तर पर हुई समीक्षा के बाद इन परियोजनाओं के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
संवाददाता: रजनीश कुमार





