सहरसा जिले में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और आम लोगों को डिजिटल ठगी से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से नए साइबर डीएसपी के रूप में कल्याण आनंद ने पदभार ग्रहण कर लिया है। बिहार पुलिस द्वारा राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत उनकी यह नियुक्ति की गई है।
पदभार संभालने के बाद साइबर डीएसपी कल्याण आनंद ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में साइबर थाना और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड की घटना होती है तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के साइबर थाना पहुंचे या तत्काल शिकायत दर्ज कराए। पुलिस पीड़ितों की हर संभव सहायता करेगी और मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
कल्याण आनंद ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारियां किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
नए साइबर डीएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
सहरसा में नए साइबर डीएसपी की नियुक्ति से लोगों को साइबर अपराध के मामलों में त्वरित सहायता और बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद जगी है।संवाददाता : विकास कुमार, सहरसा






